फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुमाऊं में जाम से निपटने के लिए सरकार के पास कोई रोड मैप नहीं : यशपाल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक जाम गंभीर समस्या बन चुका है। नियमित जाम की समस्या एक गंभीर विषय है। इसे दूर करने का सरकार के पास कोई रोडमैप नजर नहीं आ रहा है। जारी बयान में आर्य ने कहा कि नैनीताल व कैंची धाम क्षेत्र में रोजाना गाड़ियों की लंबी कतार और जाम देखने को मिल रहा है। जाम की समस्या से स्थानीय लोग व पर्यटक परेशान हैं। रानीबाग-भीमताल, भीमताल-भवाली, भवाली-कैंची, ज्योलीकोट-भवाली, नैनीताल-भवाली और अल्मोड़ा-कैंची समेत भवाली और कैंची को रामगढ़ से जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने से कदम कदम पर जाम रहता है। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण नैनीताल ही नहीं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं। यह जाम इन जिलों के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। आर्य का कहना है कि कैंची धाम में लंबा जाम, क्वारब व अन्य क्षेत्रों में सड़कें खराब होने से कुमाऊं के इन पर्यटन स्थलों के सफर का समय दोगुने से भी अधिक हो गया है। इससे पर्यटक कुमाऊं की ओर रुख करने से भी कतराने लगे हैं। जाम से अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिलों का व्यापार और अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। आर्य ने कहा कि जाम से सबसे ज्यादा बच्चे और मरीज परेशान हैं। मरीज जाम में फंसकर जीवन और मृत्यु के बीच जूझते रहते हैं। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का कोई और तरीका ढूंढने में असफल है। भाजपा राज में विकास विहीन उत्तराखंड शासनिक-प्रशासनिक जाम में फंस गया है। सरकार को अस्थायी इंतजाम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें