हल्द्वानी। कोरोना वायरस से बचाव में लगी आशा वर्करों ने आरोप लगाया है कि उनकी सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं है। कई बार मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने की मांग करने के बाद भी उन्हें सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है। आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की नगर अध्यक्ष रिंकी जोशी ने कहा कि आशा वर्कर अगर अपने बचाव में काम करने से मना करती हैं तो उनको हटाने की कार्रवाई शुरू हो जाती है। जोशी का कहना है कि कई बार कहने के बाद भी मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने नहीं दिए गए हैं। उनकी सुरक्षा को ताक पर रख जा रहा है। कहा कि बिना वेतन के काम कर रही आशा वर्करों को इस संकट के दौर में भी दस हजार रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें सामान उपलब्ध कराना चाहिए। प्रीति रावत, रीना बाला, रेशमा, भगवती, सरोज रावत, मंजू, दीपा, मीनू, शाहिस्ता, जानकी, अनुराधा, गीता, सुनीता, रश्मि और स्वाति ने भी सुविधाएं देने की मांग की है।