नैनीताल में चोट दिखाकर न्याय की आवाज बुलंद करते डॉ.सचिदानंद। संवाद
नैनीताल। दुष्कर्म की घटना को लेकर बवाल तो 19 दिन बाद हुआ, उससे पहले ही पीड़ित बालिका और उसकी बड़ी बहन ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। दोनों ने नानी को गांव से बुलाने के बाद उन्हें 16 अप्रैल को स्कूल भेजा और अपनी टीसी कटवा ली थीं। हालांकि भयभीत और गुमसुम पीड़िता ने तब तक किसी को घटना के बारे में नहीं बताया था।
दुष्कर्म की घटना ने बालिका को इतना झकझोर दिया था कि वह गुमसुम रहने लगी थी। आरोपी की ओर से धमकाए जाने के कारण उसने कई बार पूछने के बावजूद अपनी बहन को भी कुछ नहीं बताया। उसकी हालत देखकर बड़ी बहन भी परेशान रहने लगी थी। तभी बहन ने नानी को बुलाया और स्कूल न जाने की बात उनसे कही।
मुख्यमंत्री ने कहा, शिक्षा का खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने कहा कि दोनों बच्चियों की शिक्षा का खर्च सरकार उठाएगी। इसके अलावा परिवार की मदद के लिए सरकार हर कदम उठाएगी।
प्रशासन ने मदद के लिए बढ़ाए हाथ
जिलाधिकारी वंदना ने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बालिका को हर माह चार हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा दुष्कर्म पीड़ित को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भी धनराशि दी जाएगी। समाज कल्याण विभाग की योजना से भी परिवार को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कड़ी सुरक्षा में रखा गया परिवार
नैनीताल। परिवार को पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में रखा है। बालिका और परिवार को सामान्य हालत में लौटाने के लिए दो काउंसलर लगाए गए हैं। बालिका और परिवार दोनों की काउंसलिंग की जा रही है। माई सिटी रिपोर्टर