भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में कांग्रेस संगठन ने सोमवार को एक कदम आगे बढ़ाया। सर्किट हाउस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की मौजूदगी में हुई बैठक में नए गठित कांग्रेस अगेंस्ट करप्शन विभाग को धार देने और इसमें अपने-पराये की परवाह न करने पर सहमति बनी।
तय किया गया कि विभाग की इकाई हर जिले में गठित की जाएगी और इसका एक टोल फ्री नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा। इस नंबर का उपयोग कर कोई भी भ्रष्टाचार के मामले में शिकायत दर्ज करा सकेगा।
करीब आधे घंटे की बैठक में विभाग के अध्यक्ष पूर्व संासद महेंद्र पाल ने कहा कि विभाग का गठन इसीलिए किया गया है कि कांग्रेस युक्त, भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाया जा सके।
महेंद्र पाल के तेवर भले ही नरम रहे हों पर बैठक में मौजूद अन्य कई कांग्रेसी नेता खासे मुखर रहे। संगठन के कई नेता विभाग को धार देने के पक्ष में रहे। खुद किशोर ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेेस की लड़ाई लंबी रही है।
कांग्रेस संगठन की कोशिश इस विभाग को सूचना के अधिकार अधिनियम की तर्ज पर आगे बढ़ाने की है। सूचना का अधिकार इसीलिए लाया गया था। आरटीआई सफल रहा है कि कांग्रेस अगेंस्ट करप्शन सफल क्यों नहीं होगा।
बैठक में भी इस बात की अनुगूंज दिखाई दी। रानीखेत के पूर्व विधायक करन माहरा के मुताबिक किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ विभाग मामला उठाता है तो यह भी तय हो कि सरकार कार्यवाही करेगी।
....तो भाजपा के आरोपों की बौछार से बचने का भी सबब
किशोर के रुख से जाहिर था कि कांग्रेस का यह नवगठित विभाग भाजपा के भ्रष्टाचार के आरोपों के तीखे बाणों को भोथरा करने की कोशिश है। किशोर ने कहा कि भाजपा पर्दाफाश रैली करने जा रही है।
हर बार भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जाता है और कांग्रेस जवाब ही देती रह जाती है। इससे तो बेहतर यह है कि कांग्रेस अपने स्तर पर मामलों की छानबीन कर ले।