हल्द्वानी। मतदाता सूची में हुई विसंगतियों को दूर कराने के लिए निर्वाचन आयोग केवल आम मतदाताओं को ही नोटिस नहीं भेज रहा है बल्कि कई प्रशासनिक अधिकारियों को भी नोटिस जारी हुए हैं। जिले में हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट समेत एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी नोटिस मिला है। सिटी मजिस्ट्रेट को जारी नोटिस के मामले में बुधवार को सुनवाई होनी है।
हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 40 नवाबी रोड के बीएलओ की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को जारी नोटिस में कहा गया है कि उनके पिता के नाम में विसंगति है। बीएलओ के मुताबिक वर्ष 2003 की मतदाता सूची में बाजपेयी के पिता का नाम जेपी बाजपेयी दर्ज है जबकि वर्तमान में जमा किए गए दस्तावेजों में पिता का नाम जगदीश प्रसाद बाजपेयी लिखा हुआ है। आयोग ने इस विसंगति को दूर कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। दूसरी ओर आयोग की ओर से कुमाऊं मंडल के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में इस आईएएस अधिकारी का नाम अधूरा लिखा हुआ था। इस बार जो ड्राफ्ट बनकर आया है उसमें अधिकारी का पूरा नाम दर्ज है। इसी कारण इस अधिकारी को नोटिस जारी हुआ था। उक्त अधिकारी ने संबंधित दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराए तो उनके नाम में हुई विसंगति को दूर कर दिया गया।
यह एक सामान्य प्रक्रिया है। लोग इसे सकारात्मक रूप से देखें और जरूरी दस्तावेज जमा कर मतदाता सूची में हुई विसंगति को दूर करा लें। - एपी बाजपेयी सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी
बूथों का किया निरीक्षण
हल्द्वानी। सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने मंगलवार को बूथवार चल रहे मतदाता सूची संशोधन के कार्यों का अवलोकन किया। मतदाता सूचियों के प्रकाशन के दौरान बीएलओ की बूथों पर उपस्थिति की जांच की गई और एसआईआर के तृतीय चरण में अंतर्गत तार्किक विसंगति और अनमेप्ड श्रेणी के मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई के संबंध में बूथवार तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने संबंधित बीएलओ को आपत्तियों और दावों का समय से निस्तारण कराने के निर्देश दिए। माई सिटी रिपोर्टर
मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी: आर्य
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश की विभिन्न विधानसभाओं में बड़ी संख्या में फॉर्म-7 के जरिये मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दर्ज आपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सुनियोजित हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यहां जारी एक बयान में आर्य ने कहा कि बाजपुर विधानसभा सहित कई क्षेत्रों में संदिग्ध तरीके से फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं जिससे पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सभी मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशभर में जनआंदोलन करेगी। संवाद