हल्द्वानी। वर्दी पहनकर सरेराह लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने वाला बदमाश साथी सहित पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दोनों ने छह दिन पहले हल्द्वानी में एक बुजुर्ग की सोने की अंगूठी और चेन झपट ली थी। बदमाश नकली दरोगा बनकर कई लोगों को ठग चुका है।
पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में प्रभारी एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने पत्रकारों को बताया कि जगत मंगला कॉलोनी ऊंचापुल निवासी डॉ. प्रमोद चंद्र गुरुरानी ने निवासी ने मुखानी थाने में 21 जनवरी को रिपोर्ट लिखवाई थी कि वह 19 जनवरी को वह अपने घर के बाहर टहल रहे थे। अचानक दो लोग बाइक से आए और पैर छूकर अभिवादन करने लगे। दोनों ने कहा कि आपकी (डॉ. प्रमोद की) गले की चेन और अंगूठी बहुत अच्छी है। उन्हें भी बेटे की शादी के लिए ऐसी ही बनवानी है। फोटो खींचने के बहाने उन्होंने अंगूठी और चेन मांगी और अपने पास रखकर फरार हो गए। मुकदमा लिखने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास 90 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। फुटेज को उत्तर प्रदेश की पुलिस को भी भेजा गया। महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
शनिवार को हैड़ाखान मंदिर के पास मुख्य सड़क पर दो लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को मिली। रात 8:20 बजे पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुल गया। दोनों के पास सोने की चेन और अंगूठी, बाइक यूपी 25 सीए 3347 बरामद की गई। बाइक के आगे यूपी पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। पकड़े गए बदमाशों की पहचान विनोद कुमार शर्मा निवासी हरदुवागंज अलीगढ़ और कालीचरण निवासी बरेली के रूप में हुई। दोनों ने 19 जनवरी को हुई घटना में शामिल होने की बात कुबूल की। प्रेसवार्ता में पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी, कोतवाल संजय कुमार, बनभूलपुरा थाना प्रभारी सुशील कुमार मौजूद थे।
पुलिस लाइन के पास रहा और पहनने लगा वर्दी
हल्द्वानी। विनोद कुमार शर्मा हाईस्कूल फेल है। उसका घर अलीगढ़ में पुलिस लाइन के पास ही है। विनोद के अनुसार उसे बचपन से ही पुलिस में जाने का शौक था। पढ़ाई पूरी नहीं हो पाने के कारण वह भर्ती तो नहीं हो सका, वारदातें करने लगा। उसके कुछ रिश्तेदार यूपी पुलिस में है। (संवाद)
35 साल से कर रहा है ठगी
हल्द्वानी। पुलिस के अनुसार विनोद कुमार शर्मा 35 साल से सोना-चांदी की ठगी कर रहा है। वह 100 से अधिक ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ उत्तराखंड में सात और उत्तर प्रदेश में चार मुकदमे दर्ज हैं। उसके कुछ रिश्तेदार पुलिस में नौकरी करते हैं। वह पहले सिक्योरिटी एजेंसी का इंचार्ज भी रहा। वहां छह महीने तक वेतन न मिलने से वह ठगी के धंधे में चला गया। वह परिचितों से भी जान पहचान निकालकर लच्छेदार बातों में उलझाता है और मौका मिलते ही अंगूठी और चेन निकलवा लेता है। वह एक हफ्ते में दो वारदातें करता है। (संवाद)
रामनगर में रह रहा था किराये पर
हल्द्वानी। विनोद कुमार शर्मा को काशीपुर में भी पुलिस ने दरोगा की वर्दी के साथ गिरफ्तार किया था। 25 अक्तूबर 2020 को देहरादून जेल से छूटने के बाद वह रामगनर गुल्लरहट्टी में किराये के कमरे में रह रहा है। कालीचरण से उसकी मुलाकात देहरादून जेल मे हुई। दोनों एक ही बैरक में लगभग छह महीने तक रहे। (संवाद)
जेल में मिला क्लू
पुलिस के अनुसार हल्द्वानी की घटना के बाद पुलिस ने हल्द्वानी जेल में बंद कैदियों से ठगों के बारे में जानकारी ली। पता चला कि अलीगढ़ का एक बदमाश इस तरह की वारदात में एक्सपर्ट है। पुलिस को यहां से भी बदमाश तक पहुंचने का क्लू मिला।
बाप-बेटे दोनों ठग
एसपी ने बताया कि विनोद अपने बेटे विवेक संग ठगी करता था। विवेक मेरठ जेल में बंद है। कानपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, मथुरा, आगराए संभल, सहारनपुर, हरिद्वार, देहरादून और हल्द्वानी में दोनों ने आभूषणों की ठगी की है।