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Bird Flu: नैनीताल में ड्रोन से रखी जा रही है प्रवासी पक्षियों पर नजर, गश्त कर रही वनकर्मियों की टीम

Sun, 17 Jan 2021 05:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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ड्रोन कैमरे से हो रही निगरानी - फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल मेें बर्ड फ्लू को लेकर वन कर्मियों ने पैदल गश्त के साथ ही कोसी बैराज में ड्रोन से पक्षियों की गतिविधियों को कैद किया। वहीं कॉर्बेट प्रशासन ने भी सभी रेंज अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।

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उत्तराखंड में कोटद्वार, देहरादून व अन्य कई क्षेत्रों में पक्षियों के मरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वन विभाग ने सभी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में प्रवासी पक्षी प्रवास करते हैं, उन क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जाए। शनिवार को रामनगर के कोसी बैराज में वन विभाग की टीम ने पैदल गश्त कर साइबेरियन पक्षियों पर ड्रोन से नजर रखी।

रेंज अधिकारी ललित जोशी ने बताया कि सरकार के निर्देश पर प्रवासी पक्षियों पर लगातार सुबह शाम नजर रखी जा रही है। जिन क्षेत्रों टीम नहीं पहुंच पा रही है, वहां ड्रोन से नजर रखी जा रही है। बताया कि कहीं कोई पक्षी मृत नहीं मिला। रामनगर के कोसी बैराज में हर साल बड़ी संख्या में सुर्खाब पक्षी आते हैं। यह क्षेत्र संवेदनशील है, इसे देखते हुए कोसी बैराज पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर पार्क वार्डन आरके तिवारी ने कॉर्बेट में भी सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी में सामान्यत: कंपन, सिर का एक ओर झुक जाना और लकवा जैसे लक्षण दिखते हैं। लकवाग्रस्त होने के कारण पक्षी जमीन पर गिर जाता है। इस रोग का वायरस पालतू मुर्गियों से पक्षियों में व वन्य पक्षियों से पालतू मुर्गियों और अन्य पक्षियों में तेजी से फैलता है।

बचाव के उपाय
- पक्षियों की देखभाल के समय पीपीई किट अथवा सुरक्षात्मक कपड़े पहने और आंखों की सुरक्षा के लिए आई शील्ड/फेस शील्ड का प्रयोग करें।
- बार-बार साबुन या पानी से हाथ धोए और अपने-अपने कार्यस्थल को स्वच्छ और कीटाणु रहित रखें।
- पक्षियों की देखभाल के समय खाना पीना और धूम्रपान आदि न करें।
- मृत पक्षी को दो प्लास्टिक बैग में सीलकर थर्माकाल बॉक्स में रखकर जैल पैक के साथ सील करें।
- विषाणु आम कीटाणुनाशक के प्रति बेहद संवेदनशील है, लेकिन विषाणु यदि मल या कार्बनिक पदार्थ एवं मिट्टी से संपर्क में आता है तो इसे निष्क्रिय करना कठिन है।
पक्षियों की देखभाल
- बचाव के समय पक्षियों को किसी तरह का कोई नुकसान न होने पाए।
- सभी वन्य पक्षियों के नमूने मूल्यवान हैं। नमूना संग्रहण और रवानगी के समय संग्रहण प्रशिक्षित कर्मचारियों/स्वयंसेवको के सहयोग से किया जाना चाहिए।
- वन कर्मचारियों, बर्ड वाचर, टूरिस्ट गाइड एवं स्थानीय लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना है कि यदि कोई मृत पक्षी उन्हें दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल रेंज कार्यालय को दें।
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- जंगली पक्षियों/प्रवासी पक्षियों के असामान्य व्यवहार एवं मृत्यु की निगरानी की जाए।

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