नैनीताल। शासन की ओर से अनुबंधित संस्था की ओर से शहर में किए जा रहे ड्रोन और डोर टू डोर सर्वे को लेकर लोगों में फैली आशंकाओं के संबंध में पालिका की ओर से सोमवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे संस्था के पदाधिकारियों व अधिकारियों ने सर्वे कार्य के बारे में जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों की शंका को दूर किया।
नगर निकायों के डिजिटल और ऑनलाइन डाटा एकत्रीकरण को लेकर शासन की ओर से विश्व बैंक की मदद से प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। शासन से अनुबंधित संस्था नैनीताल में भी सर्वे कार्य कर रही है। बीते दिनों शहर के क्षेत्रों में सर्वे कार्य का लोगों ने टीम का विरोध किया था। सोमवार को पालिका में प्रशासक एसडीएम केएन गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसडीएम ने बताया कि सर्वे पूरा होने के बाद नगर पालिका में निजी और सरकारी भूमि समेत भवन और अन्य डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। घर बैठे एक क्लिक में हर शहरवासी संपत्तियों की जानकारी ले सकेंगे।
कहा कि भविष्य में हर भवन का क्यूआर कोड जारी किया जाएगा। सर्वे कार्य को लोग केवल कर बढ़ोतरी से जोड़ कर देख रहे हैं जबकि ऐसा नहीं है। शासन की ओर से निर्धारित 0.01 से एक प्रतिशत तक ही कर की बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं दूसरे शासनादेश के आधार पर पुराने कर में पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। बाद में लोगों ने सर्वे कार्य को आगे बढ़ाने में सहमति जताई। इस दौरान होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, सचिव वेद साह, व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी, महासचिव त्रिभुवन फर्त्याल,अमनदीप सिंह, कैलाश रौतेला, मनोज जोशी, रुचिर साह व मोहन नेगी मौजूद रहे। संवाद