भीमताल डैम का निरीक्षण करते रुड़की से आए वैज्ञानिकों की टीम
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भीमताल डैम में पड़ रही दरारें अब जल्द ठीक की जाएंगी। अमर उजाला में खबर छपने के बाद रविवार को रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के वरिष्ठ विशेषज्ञ डा. सुधीर कुमार ने अपनी टीम के साथ भीमताल डैम का निरीक्षण किया। उन्होंने डैम के पानी आदि का सैंपल लेकर कहा-फिलहाल डैम को खतरा नहीं है। फिर उन्होंने डैम की दीवारों के पास खड़े पेड़ों को काटने, दरारों को भरने और गंदगी डालने वालों को रोकने की बात कही।
19 जनवरी को अमर उजाला में ‘टूटने को है भीमताल डैम, भय के साये में जी रहे 25 परिवार’ खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद प्रशासन में हलचल हुई। झील एवं डैम से लगातार हो रहे पानी के रिसाव की जांच के लिए रविवार को रुड़की से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने झील का निरीक्षण कर डैम की स्थिति का जायजा लिया। वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि भीमताल वासियों को डैम के टूटने का फिलहाल अभी खतरा नहीं है।
उन्होंने डैम की स्थिति को सामान्य बता लोगों से डरने को मना किया है। डॉ. सुधीर कुमार ने अपनी टीम के साथ झील में नाव से उतरकर डैम में पड़ रही दरारों को देखा और डैम से हो रहे पानी के रिसाव का सैंपल लिया। उन्होंने भीमताल झील के पानी को स्वच्छ बताते हुए पीने योग्य बताया। विशेषज्ञों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से डैम किनारे मौजूद पेड़ों को काटने का आग्रह किया है, ताकि पेड़ों की जड़ें डैम की दीवारों को जकड़कर दरारें न डाल सकें। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वह डैम में जहां दरारें पड़ी हैं, उसे जल्द ठीक करेंगे।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरीश चन्द्र सिंह ने अवर अभियंता सुजाता हर्बोला को निर्देश दिए कि जिन स्थानीय लोगों द्वारा नालों में गंदगी डाली जा रही है, उन लोगों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाए।