भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने स्पीकर पद की संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग किया है। सूबे के वर्तमान राजनीतिक संकट के लिए स्पीकर जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में आकर सीएम हरीश रावत धृतराष्ट्र बन चुके हैं।
अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए ईमानदार अधिकारियों को बार-बार बदला जा रहा है। सरकारी हेलीकाप्टर को खड़ा कर प्राइवेट हेलीकाप्टर का प्रयोग कर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुंजवाल ने स्पीकर को मिले असीमित अधिकारों का प्रयोग कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में किया।
उन्होंने कुंजवाल को चुनौती देते हुए कहा कि ‘मैं स्पीकर का पद जो कि संवैधानिक पीठ है’ के खिलाफ जान-बूझकर आरोप लगा रहा हूं और उनके खिलाफ हमने अविश्वास प्रस्ताव किया है। यदि कुंजवाल में साहस है तो वह मेरी विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दिखाएं। जब भट्ट से पूछा गया कि स्पीकर के आदेश को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी सही ठहरा चुके हैं, तब स्पीकर के खिलाफ टिप्पणी करना आदेशों की अवमानना नहीं है? इसका जवाब देते हुए भट्ट ने कहा कि स्पीकर को संविधान में मिले असीमित अधिकारों की वजह से न्यायालय के भी हाथ बंधे थे और संविधान में संशोधन के लिए वे स्वयं राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मिलेंगे। उन्होंने पीडीएफ को स्वार्थी और सत्ता लोलूप बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम रावत ने स्टिंग आपरेशन में सरकार बचने पर हर विधायक को 5-5 करोड़ रुपये देने और मंत्रियों की लूट खसोट से आंखें बंद करने का जो वायदा किया था, उनके फिर से सीएम बनने पर सही साबित हुआ है। वार्ता में जिलाध्यक्ष मनोज साह, नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, किशन पांडे, दया किशन पोखरिया, आनंद बिष्ट, मोहित साह व नितिन कार्की मौजूद थे।