बच्चों को हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने एक नई पहल की है। बच्चों की देखरेख के लिए अब ब्लॉक और ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा। बाल संरक्षण को सशक्त बनाने के लिए राज्य में समेकित बाल संरक्षण योजना लागू है।
योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष तक की आयु के शिशु/बाल-बालिकाओं के लिए बाल संरक्षण के सशक्त परिवेश का निर्माण, उचित पालन पोषण करने, परिवार की देखरेख पाने, प्रतिष्ठा के साथ रहने और बच्चों को हिंसा की प्रवृत्ति से दूर रख बेहतर संस्कार देने के उद्देश्य से ब्लॉक और ग्राम स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
समिति आपदा में लावारिस होने वाले बच्चों, परिवार से बिछड़ने वाले बच्चों, शोषण का शिकार बच्चे पर ब्लॉक और ग्राम स्तर की कमेटियां निगरानी रखेंगी। समितियों के माध्यम से ऐसे बच्चों का पुनर्वास और संरक्षण हो सकेगा। ऐसे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दिया जा सकेगा।
समिति में ब्लॉक प्रमुख अध्यक्ष होंगे। ब्लॉक प्रमुख के अलावा आठ सदस्य होंगे। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि इस आशय का आदेश सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को जारी कर दिया गया है। इसकी प्रति जिलाधिकारियों को भी भेजी गई है।