आने वाले दिनों में शहर के प्रमुख बाजारों में बेतरतीब फड़ एवं ठेलियां नहीं दिखेंगी। नगरीय फेरी व्यवसायी (आजीविका सुरक्षा एवं फेरी व्यवसाय विनियम) के तहत फड़ एवं ठेली व्यवसायियों को व्यवस्थित किया जाएगा।
शासन ने नगर निगम हल्द्वानी को नगर फेरी समिति में फेरी संगठनों के प्रतिनिधियों को सदस्य नामित करने के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि शहर में फड़ एवं ठेली व्यवसायियों को व्यवस्थित करने के लिए जगह चिह्नित की प्रक्रिया शुरू हो सके।
हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार है। शहर में हजारों की संख्या में फड़ एवं ठेलियां लगती हैं। प्रमुख बाजारों में फड़ एवं ठेलियों के चलते अव्यवस्था होती है। ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। फड़ एवं ठेली वालों को पुलिस, प्रशासन और नगर निगम भी समय-समय पर बाजारों से खदेड़ता है। हालांकि नगर निगम फड़ एवं ठेलियों से तहबाजारी शुल्क भी वसूलता है।
फड़ एवं ठेली व्यवसायियों के उत्थान और शहर को व्यवस्थित करने के लिए वेंडर जोन बनाए जाने हैं। ताकि फड़ एवं ठेलियां उसी इलाके में लगाई जा सकें। नगर निगम स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में वेंडर समिति गठित हो चुकी है। शासन ने समिति में फेरी व्यवसायियों को सदस्य बनाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।