हल्द्वानी। नहरों और गूलों पर आश्रित काश्तकारों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। वे खेतों पर खड़ी फसल प्रभावित होने से चिंतित हैं। काश्तकारों ने सिंचाई विभाग पहुंच ईई को ज्ञापन सौंपा और पहले की तरह सिंचाई के लिए पानी दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने जमरानी बांध परियोजना के तहत नहर के कवरिंग कार्य के चलते सिंचाई का पानी बंद होने की भी शिकायत दर्ज कराई।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल अधिकारी के साथ पहुंचे काश्तकार शुक्रवार को ईई दिनेश रावत से मिले। उन्होंने कहा कि जमरानी नहर के पुनर्निर्माण की वजह से खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गन्ने की फसल खड़ी है, गेहूं की बुवाई के लिए खेत तैयार करने हैं। करीब 20 दिन से खेतों में सिंचाई नहीं हुई। हरिपुर में तो ट्यूबवेल की भी व्यवस्था नहीं है। अर्जुनपुर में लगे नलकूप से मात्र 22 फीसदी ही पानी सिंचाई के लिए मिल रहा है। गांव की नहर से फत्थाबंगर, हाथीखाल समेत कई गांवों में सिंचाई का पानी पहुंचता है। उन्होंने जमरानी बांध वाली नहर के साथ ही पूर्व से काश्तकारों के लिए मददगार छोटी नहर का भी निर्माण किए जाने की मांग की है। ईई ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ज्ञापन सौंपने वालों में गिरीश चंद्र, ललित भट्ट, अश्विनी जोशी शामिल रहे।
नहर से मलबा हटेगा और मोटर पंप लगाकर देंगे पानी
गोरापड़ाव से मोटाहल्दू तक कवर की जा रही नहर में मलबा भरा पड़ा है। इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय किया गया कि नहर से मलबा हटाने के साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से में पंपिंग के तहत सिंचाई का पानी दिया जाएगा। ईइ दिनेश रावत ने बताया कि किसानों की समस्या का निराकरण किया जाएगा।