हल्द्वानी के काठगोदाम गौलाबाईपास स्थित पुल से उफनती गौला नदी में छलांग लगाने वाले 65 वर्षीय राम सिंह का शव 24 घंटे बाद पुल से करीब सात किमी दूर पत्थर के नीचे फंसा मिला। ग्रामीणों की मदद से एनडीआरएफ की टीम ने शव बाहर निकाला।
हल्द्वानी के काठगोदाम गौलाबाईपास स्थित पुल से उफनती गौला नदी में छलांग लगाने वाले बिंदुखत्ता के शास्त्रीनगर निवासी रामसिंह (65) का शव 24 घंटे बाद बुधवार को पुल से करीब सात किमी दूर पत्थर के नीचे फंसा मिला। ग्रामीणों की मदद से एनडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
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बुजुर्ग रामसिंह मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से निकले और गौला पुल पर पहुंचे। यहां काफी देर बारिश के दौरान पुल पर खड़े रहे। इस दौरान एक पर्यटक ने उन्हें भीगते देख बातचीत की तो उन्होंने सवाल का जबाव एक मुस्कान के साथ दिया। कुछ ही सेकेंड के बाद वह गौला में कूद गए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब परिवार वालों को पता चला। पुलिस के अनुसार घरेलू विवाद के बाद बुजुर्ग ने आत्महत्या की। हादसे के बाद से ही एनडीआरएफ की टीम शव की तलाश कर रही थी।
बुधवार दोपहर शव गोविंद ग्राम गांव के पास नदी के किनारे पर करीब 600 मीटर नीचे पत्थर के बीच फंसी मिली। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने शव को बाहर निकाला। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है।