नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर के उदयपुरी बंदोबस्त में रामनगर नैचुरल स्क्रीनिंग प्लांट पर रोक को जारी रखा है। कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्लांट का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट 23 जून तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी अजीत सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने जहां स्क्रीनिंग प्लांट लगाने की अनुमति प्रदान की थी वह आबादी क्षेत्र है। यह प्लांट औद्योगिक विकास बोर्ड के मानकों को पूरा नहीं करता है। राज्य सरकार ने नियमों के विरुद्ध इसके संचालन की अनुमति दी है।
कोर्ट ने यह भी कहा
पूर्व में कोर्ट ने पूछा था कि इसे लगाने की अनुमति कब मिली। यदि 2016 से पहले मिली है तभी प्लांट संचालन की अनुमति दी जा सकती है, उसके बाद की अनुमति पर नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अनुमति पत्र कहने के बाद भी आज तक उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया। प्लांट के स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट आने तक यह रोक जारी रहेगी।