मुख्य नगर अधिकारी (एमएनए) के खिलाफ पार्षद संघ ने मोर्चा खोल दिया है। एमएनए की कार्यप्रणाली से नाराज पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। 25 पार्षदों में से करीब 22 पार्षद इस धरने में शामिल हुए।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एमएनए का व्यवहार तानाशाही पूर्ण बना हुआ है। वह मेयर, पार्षद से लेकर नगर निगम कर्मियों के साथ उपेक्षा पूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। उनका आरोप था कि एमएनए पार्षदों के छोटे-छोटे कार्य लटका रहे हैं, जबकि जनता उनसे जवाब मांग रही है।
उनका कहना है कि जनहित प्रस्तावों एवं कार्यों को लटकाने, मेयर और निर्वाचित बोेर्ड की अवमानना करने के विरोध में अभी एक दिनी धरना दिया गया है, अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने मांग की पूर्णकालिक एमएनए की तैनाती होनी चाहिए, जिससे विकास कार्य सही ढंग से किए जा सके।
ज्ञात हो कि मंगलवार को नगर निगम बोर्ड की मीटिंग में एमएनए के नहीं पहुंचने पर जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान अध्यक्ष धीरेंद्र रावत, राजेंद्र अग्रवाल, मनोज कुमार गुप्ता, सुधीर कुमार, राजेंद्र नेगी, मोहन सिंह, विपिन चंद, शोभा बिष्ट, मोहन पोखरिया, बीना जोशी, गुफरान लईक, चंपा रंधावा, हितेश पांडे समेत बड़ी संख्या में पार्षद मौजूद थे।