उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ डालनवाला में दर्ज मुकदमों पर सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर व उर्मिला सोनावर पर हरिद्वार के झबरेडा, बाहदराबाद व देहरादून के नेहरू कॉलोनी सहित डालनवाला में यह कह कर मुकदमा दर्ज किया गया था कि उनके द्वारा दुष्यन्त गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशियल मीडिया में वीडियों व ऑडिओ वाइरल किया जा रहा है। जिस वजह से उनकी छवि धूमिल हो रही है। दर्ज मुकदमें में कहा गया है कि इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कि जाए।