पंतनगर विश्वविद्यालय में मनमाने तरीके से नियुक्ति करने के मामले एक-एक करके सामने आते जा रहे हैं। अधिकतर मामले पूर्व कुलपति डॉ. मंगला राय के समय के हैं। ऐसा लगता है कि डॉ. राय की मनमानी के आगे सभी नियम-कायदे बौने हो गए।
गृह विज्ञान महाविद्यालय के फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट में सहायक प्राध्यापक के पद पर एक ही हस्ताक्षर पर नियुक्ति कर दी गई। यह तब जबकि प्रत्यावेदन को अंतिम रूप से स्वीकार करने में स्क्रीनिंग कमेटी में चार लोगों का पैनल तय करता है।
गृह विज्ञान महाविद्यालय के फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट में सहायक प्राध्यापक के पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई थी। सभी आवेदन उचित तरीके से 30 जुलाई तक भेजे जाने थे। उक्त विभाग में भर्ती के लिए विज्ञापन निकालकर प्रत्यावेदन मांगे गए थे।
स्क्रीनिंग कमेटी में चार लोगों को चयनित किया गया। स्क्रीनिंग कमेटी में दीपा विनय, आरएस रघुवंशी, केपीएस कुशवाहा और एचएल मडोरिया को नामित किया गया। स्क्रीनिंग कमेटी ने उक्त पद के लिए डॉ. दिव्या सिंह का प्रत्यावेदन सिर्फ दीपा विनय के एकमात्र हस्ताक्षर पर ही स्वीकार कर लिया।
आरटीआई से पूरी जानकारी मिलने के बाद कुलाधिपति से शालिनी ठाकुर ने शिकायत की और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। अचरज इस बात का है कि विश्वविद्यालय में हुई तमाम अनियमितताओं की शिकायत होने के बाद भी कुलाधिपति कार्यालय से उपयुक्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कुलाधिपति कार्यालय क्यों मूक दर्शक बना है, ये समझ से परे है।