अधिकारी तक राही हेल्थ केयर को लेकर आश्वासन दर आश्वासन देते रहे मगर कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। राही हेल्थ के करार को लेकर स्वास्थ्य महकमा अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पाया है।
बेस अस्पताल में राही हेल्थ केयर में प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों की डायलिसिस होती है।
निजी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा बहुत महंगी है। डायलिसिस तीन चरणों में होती है। राही हेल्थ केयर का करार मार्च में समाप्त हो गया था। उस समय भी स्वास्थ्य महानिदेशक ने आश्वासन दिया था कि जल्द करार बढ़ जाएगा। वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के हस्तक्षेप के बाद 20 जून तक के लिए करार बढ़ा दिया गया था। 20 जून की मियाद पूरी हो गई मगर स्वास्थ्य महकमा करार को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है।
इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल ने बताया कि राही हेल्थ केयर का करार बढ़ाने पर विचार-विमर्श हो रहा है। शीघ्र ही करार बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर करार लंबे समय तक के लिए नहीं बढ़ाया गया तो फिर टेंडर निकाले जाएंगे। करार बढ़ाने पर अंतिम निर्णय शासन से होना है।