हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है और सरकार के मंत्री दिल्ली में चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार ने विधानसभा सत्र को छोटा किया है।
नेता प्रतिपक्ष ने सोमवार को मुखानी स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता की। कहा कि विधानसभा सत्र से पहले सलाहकार समिति ने तय किया था कि 29 नवंबर से पांच दिसंबर तक विधानसभा का सत्र चलेगा। जब विधानसभा सत्र शुरू हुआ तो उसके पहले ही दिन सूचित कर दिया कि सदन केवल दो दिन ही चलेगा। कहा कि विधायकों के कुल 619 प्रश्न थे। इसके बावजूद सरकार ने केवल दो ही दिन का समय रखा जबकि प्रश्नों को फिर से उठाने का अवसर आठ से नौ माह के बाद मिलेगा।
कहा कि कांग्रेस के ऊपर ये आरोप लगाया जा रहा है कि उसने मजबूत विपक्ष की भूमिका नहीं निभाई। आक्रामक विपक्ष का मतलब ये नहीं कि सदन में हंगामा करो या फिर सदन की कार्यवाही को प्रभावित करो। कहा कि हमने तार्किक ढंग से राज्य के मुद्दे उठाए हैं।
कहा कि प्रश्नकाल विधायकों का होता है और सत्ता पक्ष उसे भी प्रभावित करना चाहता था जिससे मंत्री प्रश्न का जवाब देने से बचे। जब विपक्ष ने सरकार से सड़कों को लेकर प्रश्न पूछा तो हमसे कहा गया कि यह केंद्र सरकार का मामला है जबकि ऐसा नहीं है। सरकार नियमों के खिलाफ सदन की कार्यवाही कर रही है। कहा कि प्रजातंत्र में ऐसा कभी नहीं देखा कि अधिकारी विधायकों से उनकी पीठ थपथपाने के लिए कह रहे हों। उन्होंने एक प्रदेश एक रॉयल्टी की भी मांग की। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक सुमित हृदयेश, कांग्रेस महासचिव महेश शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल थे।
आठ माह में 269 महिलाओं का अपहरण
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देवभूमि में पिछले आठ माह में 269 महिलाओं का अपहरण हुआ है। 139 महिलाओं की हत्या हो चुकी है। 554 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ है। कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उत्तराखंड में घुसकर एक महिला की हत्या कर दी और सरकार चुप बैठी रही। विधायक आदेश चौहान को धमकी दी जा रही है। कहा कि अंकिता हत्याकांड में सरकार ने आज तक वीआईपी का नाम सामने नहीं किया है। एसटीएफ के जिस चीफ ने नौकरी भर्ती घोटाले की जांच की थी उसे इस बात के लिए इनाम दिया गया है कि उसने असली गुनहगारों के नाम सामने नहीं आने दिए।
सदन में मुख्यमंत्री का सोमवार ही नहीं आता
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा में सोमवार का दिन मुख्यमंत्री और संसदीय कार्यमंत्री का होता है जिनके पास राज्य में 40 विभाग हैं। इसके बावजूद सदन की कार्यवाही में मुख्यमंत्री का सोमवार आता ही नहीं है। कहा कि मुख्यमंत्री जवाब देने से बचते हैं। सरकार के ज्यादातर मंत्री दिल्ली में एमसीडी चुनाव में व्यस्त थे। कहा कि गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात हुई और साथ ही कहा गया कि 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कहा कि हमने भी स्वागत किया लेकिन अभी तक एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया है। कहा कि भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यहां 20 प्रतिशत कमीशन दिए बगैर कोई काम नहीं होता है जबकि उत्तरकाशी के सत्ता पक्ष के विधायक ने कहा कि वहां तो सरकारी कामों में 50 प्रतिशत तक कमीशन चल रहा है।