पहाड़ी जिलों में बंदरों और जंगली सुअरों के आतंक का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है। इसे पहले बंदरों से परेशान अल्मोड़ा के स्कूली बच्चों के पत्र पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था।
बागेश्वर जिले के गरुड़ निवासी जनार्दन लोहुमी, सतीश चंद्र जोशी, चंद्रशेखर बड़सीला, अशोक लोहनी, भूपेंद्र जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि बंदरों व जंगली सुअरों के आतंक से ग्रामीण किसानों को परेशानी हो रही है।
ये वन्यजीव वहां पर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि इसके साथ ही ये वन्यजीव बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमला कर रहे हैं। इस प्रकरण पर सुनवाई मंगलवार को हो सकती है।
बता दें कि बंदरों से तंग आकर विगत वर्ष अल्मोड़ा के स्कूली बच्चों ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर राहत दिलाने की गुहार लगाई थी। तब हाईकोर्ट ने उस पत्र को याचिका मानते हुए अल्मोड़ा जिला प्रशासन और वन विभाग को बंदरों को वहां से हटाने के आदेश दिए थे, जिस पर अमल करते हुए वन विभाग और पालिका ने पिंजरे की व्यवस्था कर बंदर को पकड़कर दूर छोड़ दिया था। अब वहां भी बंदर लोगों को परेशान करने लगे हैं।