नैनीताल। जंगली जानवरों की दस्तक से लोगों में दहशत है। दिन में लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं तो रात में आवासीय क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक लोगों को डरा रही है। हालांकि वन विभाग की ओर से गश्त भी की जा रही है और पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ा भी जा रहा है लेकिन इसके बाद भी समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हो रहा है।
हर माह नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में बंदर और लंगूर के काटने से घायल हुए पांच से छह लोग इलाज के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं रात में आबादी क्षेत्रों में तेंदुए की दस्तक बनी हुई है। तल्लीताल से मल्लीताल तक कई जगह पर तेंदुए सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो चुके हैं।
लोगों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम की ओर से क्षेत्र में गश्त भी कराई जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाकर अभी तक 300 से ज्यादा बंदर पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजे जा चुके हैं। बताया कि तेंदुए के नजर आने के बाद विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्रों में गश्त कर लोगों को सचेत भी किया जा रहा है।