नैनीताल। इस साल 15 जून को स्थापना दिवस पर कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सटीक गिनती हो सकेगी। इसके लिए पुलिस-प्रशासन वहां ऑटोमैटिक काउंटिंग मशीन और कैमरे लगाने जा रहा है। इससे मिलने वाले आंकड़ों की मदद से भविष्य में भक्तों को संभालने और सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने में आसानी होगी।
बाबा नीब करौरी महाराज की तपोस्थली भवाली स्थित कैंची धाम में देश-विदेशों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। धाम में 15 जून को स्थापना दिवस पर उमड़ने वाले भक्तों की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने तकनीक के जरिए रियल-टाइम गणना का फैसला किया है। हाल के वर्षों में कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कई फीसदी का उछाल रिकॉर्ड किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर 14 और 15 जून को पूरे कैंची धाम क्षेत्र को वाहनों के लिए जीरो जोन घोषित कर विशेष शटल सेवा चलाई जाएगी। प्रशासन धाम की कैरिंग कैपेसिटी (धारण क्षमता) का सटीक आकलन करना चाहता है ताकि भविष्य में चारधाम यात्रा की तर्ज पर श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जैसी व्यवस्था को सुचारु व अनिवार्य रूप से लागू किया जा सके।
पिछले वर्षों के आंकड़े केवल थे अनुमानित
अगर पूर्व के वर्षों की बात करें, तो प्रशासन के पास श्रद्धालुओं की संख्या का कोई सटीक या प्रामाणिक डेटा मौजूद नहीं था। साल दर साल स्थापना दिवस मेले के दौरान दर्ज होने वाले आंकड़े पूरी तरह से अनुमानित होते थे जिन्हें केवल वाहनों की संख्या और प्रसाद के पैकेट के आधार पर आंका जाता था। प्रशासन के इन्हीं अनुमानों के अनुसार स्थापना दिवस मेले में वर्ष 2023 और 2024 में लगभग 1.5 लाख से 2.5 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने का अनुमान था।
- कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस वर्ष कैंची धाम क्षेत्र में काउंटिंग मशीनों और सेंसर तकनीक का उपयोग करने जा रहे हैं। इस डिजिटल गणना से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा के आधार पर धाम की वास्तविक कैरिंग कैपेसिटी का आकलन किया जाएगा।
- निवेदिता कुकरेती, आईजी कुमाऊं परिक्षेत्र