बलियानाला क्षेत्र की ड्रोन से ली गई तस्वीर (फाइल फोटो)
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नैनीताल। नैनीताल के बलियानाला क्षेत्र में हो रहा भूस्खलन अब अलॉर्मिंग स्टेज (चेतावनी स्तर) तक पहुंच चुुका है। सही उपचार न होने पर यह भूस्खलन भविष्य में नैनीताल शहर के लिए खतरा बन सकता है।
यह कहना है बलियानाला और दूसरे अन्य भूस्खलन क्षेत्रों का निरीक्षण और अध्ययन करने पहुंचे स्कूल ऑफ सस्टेनबल डेवलपमेंट अमृता विश्व विद्यापीठ केरल के विशेषज्ञों का। विशेषज्ञों की यह टीम दो दिनों तक शहर के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के अध्ययन के बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी।
सोमवार को टीम ने बलियानाला व आसपास के क्षेत्र का ड्रोन और स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भूस्खलन के कारणों व प्रभावों के बारे में लोगों से भी जानकारी ली। टीम प्रभारी भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. मनीषा ने बताया कि बलियानाला क्षेत्र का भूस्खलन अब अलार्मिंग स्टेज पर पहुंच चुका है। यदि जल्द इसका सही उपचार नहीं किया गया तो यह भविष्य में नैनीताल शहर के लिए खतरा बन सकता है।
बताया कि मंगलवार को शासन स्तर पर आपदा प्रबंधन व पुनर्वास संबंधी बैठक में क्षेत्र की विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी। जिसमें सर्वे के सभी तकनीकी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। क्षेत्र का निरीक्षण करने वाली टीम में डॉ. नितिन व डॉ. बालमुकुंद समेत कई अन्य विशेषज्ञ भी मौजदू थे।