शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराए जाने को लेकर विरोध जताते शिक्षक।
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हल्द्वानी। प्रदेश के बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर शिक्षकों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच खुद कराए और फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई करे।
बेसिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने जारी आदेश में कहा कि शिक्षक अपने प्रमाण पत्रों का संबंधित बोर्डों से खुद सत्यापन कराकर विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इस आदेश के विरोध में कुसुमखेड़ा में शिक्षक एवं शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों की बुधवार को आपात बैठक हुई। शिक्षकों ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए विरोध किया। संगठनों की मांग है कि विभाग शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की स्वयं जांच कराकर फर्जी शिक्षकों की तलाश करे। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रांतीय नेतृत्व को अवगत कराते हुए इस फरमान को निरस्त करने का अनुरोध बैठक में लिया गया।
बैठक में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिला मंत्री डिकर सिंह पडियार, हल्द्वानी शाखा के अध्यक्ष मदन सिंह वर्तवाल, मंत्री विजय कुमार गुरुरानी, कोषाध्यक्ष अनुपमा बमेठा, ओखलकांडा के अध्यक्ष शमशेर दिगारी, मंत्री गोपाल सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष हीरा बसानी, धारी के अध्यक्ष गोविंद चंदा, मंत्री दीपक दुर्गापाल, कोटाबाग के मंत्री कमल कुमार गिनती, कोषाध्यक्ष पूरन पंत, जिला कार्यकारिणी सदस्य पूरन सिंह बिष्ट अमित जोशी आदि शिक्षक मौजूद रहे।