नैनीताल। युगमंच की ओर से आयोजित बाल कार्यशाला में रविवार को विषय विशेषज्ञों की ओर से बाल कलाकारों को राग बागेश्री में ऐरी मोसे खेलो ना होली..का गायन सिखाया। होल्यार मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि राग बागेश्री रात्रि के तीसरे पहर में गाया व बजाया जाता है। यह मधुर राग है और इसे राग बागेसरी, बागेश्वरी आदि नामों से जाना जाता है। बच्चों को वरिष्ठ रंगकर्मी ज़हूर आलम, नवीन बेगाना, जगमोहन जोशी आदि की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संवाद