टांडा जंगल में कुछ मिनटों के लिए आए चक्रवात ने बड़े पेड़ों को भी सेकेंड में धराशायी कर दिया। इससे आम यात्री घंटे परेशान रहे। मरीजों को लेकर आ रही कई एंबुलेंस और पेशी के लिए जा रही कैदियों की गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। दोपहर बाद पेड़ों के हटने पर आवागमन सामान्य हो सका।
मंगलवार सुबह टांडा जंगल में आए चक्रवात के बीच पेड़ों के गिरने से रामपुर रोड पर जाम लग गया। पुलिस ने अधिकांश वाहनों को टीपीनगर से बाईपास के लिए मोड़ दिया। उपकारागार से दो वाहनों में भरे बंदी पेशी के लिए ऊधमसिंह नगर स्थित अदालतों में जा रहे थे, लेकिन सड़क जाम होने के कारण वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रही। सिडकुल कर्मचारी ड्यूटी जाने के लिए परेशान रहे। जगह-जगह होर्डिंग टूटकर उलट गई थीं। बसों में सवार यात्री आने-जाने वालों से एक ही सवाल कर रहे थे कि आखिर रास्ता कब खुलेगा। जंगल में चाय पानी की भी व्यवस्था नहीं थी। दोपहर बाद ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी के अधिकारियों ने पेड़ काटकर हटाए। इसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।
झोपड़ी पर गिरा पेड़, बच गए लोग
टांडा जंगल में नर्सरी का काम करने वाले रूप सिंह की झोपड़ी पर एक बड़ा पेड़ गिर गया। इससे झोपड़ी में रखा सामान नष्ट हो गया। रूप की पत्नी ने बताया कि जिस समय तूफान आया था। उस समय सभी लोग अपने काम पर चले गए थे।