हल्द्वानी। ईपीएफओ कोरोनाकाल में पंजीकृत कर्मियों और पेंशनधारकों की सोशल मीडिया के जरिए भी मदद कर रहा है। सहायक आयुक्त उदित साह ने बताया कि व्हाट्सएप नंबर 9411530300 पर कोई भी व्यक्ति पेंशन व अन्य विभागीय कामकाज से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ले सकता है। बताया कि अगर किसी पीएफ अंशधारक की मृत्यु हो जाती है तो ईपीएफओ की ओर से पीएफ राशि, पेंशन और मृत्यु बीमा आश्रित को दिया जाता है।
हाल में श्रम मंत्रालय ने मृत्यु बीमा की अधिकतम राशि सात लाख तक बढ़ाई है। इस संबंध में पीएफ अंशधारक के आश्रित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आश्रित को पीएफ अंशधारक का पीएफ कोड/यूएन नंबर पता होना चाहिए। अगर यह नहीं पता है तो कंपनी का नाम बताया जा सकता है। इसके बाद विभाग मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा। बताया कि अशंधारक के आश्रित में पत्नी को आजीवन पेंशन मिलती है। बच्चों को 25 साल तक पेंशन मिलती है। अगर बच्चा दिव्यांग है, तो उनको भी आजीवन पेंशन मिलती है। सहायक आयुक्त साह ने बताया कि कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे मामलों में सूचनाओं को जल्द लोगों तक पहुंचाएं। साथी प्रकरणों से जुड़े मामलों में भी तेजी से कार्रवाई करें। बताया कि अप्रैल 2020 से अब तक 1400 पेंशन के दावों और करीब चार सौ मृत्यु के दावों का भुगतान कार्यालय की ओर से किया गया है।