महाविद्यालयों में कार्यरत 200 से अधिक एसोसिएट प्रोफेसर जो वर्ष 2010 के बाद इस पद पर पहुंचे हैं, उन्हें इस पद पर बने रहने के लिए अब योग्यता और दक्षता के टेस्ट से गुजरना होगा। उन्हें एपीआई (एकेडमिक परफारमेंस इंडेक्स) स्कोर पूर्ण करने के लिए तीन वर्ष का एकेडमिक परफारमेंस बताना होगा। जो इसमें सफल नहीं होगा, उनकी एसोसिएट प्रोफेसर से रीडर पद पर वापसी होने के साथ- साथ वेतन वृद्धि राशि की वसूली भी हो सकती है। इसको लेकर एसोसिएट प्रोफेसरों में खलबली मची हुई है। उच्चशिक्षा निदेशालय से सभी डिग्री कालेजों के प्राचार्यों को इस संबंध में निर्देश जारी हो गए हैं।
बता दें कि रीडर और प्रवक्ताओं को एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रमोशन किए जाने के लिए यूजीसी की ओर से वर्ष 2010 में न्यूनतम अर्हताएं लागू की थी कि जिसमें मुताबिक एसोसिएट प्रोफेसर पद नाम पर प्रमोशन पाने से पहले रीडर या प्रवक्ता को एपीआई स्कोर पूर्ण करना होगा यानी कि उसे अपनी एकेडमिक परफारमेंस साबित करनी थी कि उन्होंने किन सेमीनार में भाग लिया और शोधपत्र, रिफरेसमेंस कोर्स आदि गुणवत्तापरक शिक्षण के लिए क्या - क्या कार्य किए। लेकिन प्रदेश सरकार ने यूजीसी के इन मानकों लागू किया वर्ष 2013 में, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में रीडर एवं प्रवक्ता बिना एपीआई स्कोर के एसोसिएट प्रोफेसर बन गए। रीडर और प्रवक्ता जिन्होंने 12000-183000 वेतनमान में तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी उन्हें वेतन बैंड 37400-67000 ग्रेड वेतन रुपए 9000 स्वीकृत करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर पदनाम प्राचार्य स्तर से दे दिया गया था। प्राचार्योें ने यह कार्रवाई निदेशालय के निर्देश पर ही की थी।
निदेशालय का तर्क था कि उस समय यूजीसी द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हताओं संबंधी नियमन कैरियर एडवांसमेंट स्कीम-2010 लागू नहीं होने के कारण कट आफ डेट (30.06.2010) अंकित नहीं की गई थी। परिणाम स्वरूप राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक जिन्हें कैरियर एडवांसमेंट स्कीम-2010 लागू होने की तिथि 30 जून 2010 के पश्चात वेतन बैंड रुपए 37400-67000 ग्रेड वेतन रुपए 9000 स्वीकृत करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर पद नाम एपीआई स्कोर पूर्ण किए जाने पर दिया जाना था, उन्हें निदेशालय के 19 मई 2010 के अनुसार बिना एपीआई स्कोर पूर्ण के एसोसिएट प्रोफेसर पद नाम प्राचार्य स्तर से स्वीकृत किया जा चुका है।
प्रभारी निदेशक डा. बीसी मेलकानी ने प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि कैरियर एडवांस स्कीम -2010 के तहत 30 जून 2010 के पश्चात प्राचार्य स्तर से एसोसिएट प्रोफेसर पद नाम जिन्हें स्वीकृत किया गया है, उक्त सभी शिक्षक कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत एपीआई स्कोर पूर्ण करने संबंधी निर्धारित प्रारूप में आवेदनपत्र 15 मई तक निदेशालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए शासन के निर्देश पर एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी एपीआई स्कोर के आधार पर देखेगी कि किस शिक्षक ने शिक्षा में गुणवत्ता के लिए कार्य किया या नहीं, जिसकी एकेडमिक परफारमेंस खराब होगी उसका प्रमोशन नहीं होगा। बताते हैं कि जो एसोसिएट प्रोफेसर एपीआई स्कोर पूर्ण नहीं करेंगे उनसे यह पदनाम वापस लेने की कार्रवाई भी हो सकती है। उन्हें अपना एकेडमिक परफारमेंस बताना होगा।