पीरूमदारा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मेसिस्ट अशोक कुमार भदोला की स्वाइन फ्लू से मौत होने पर सेहत महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को सीएमओ समेत कई अधिकारी पीरूमदारा पहुंचे और मृतक के घर वालों से जानकारी जुटाई और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
अशोक कुमार भदोला ने स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के कारण रविवार को मेदांता अस्पताल में दम तोड़ दिया था। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र जोशी टीम के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने अशोक के भाई अनिल कुमार, बेटे अभिनव, अनिरुद्ध और पत्नी सुषमा का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा भी पिलाई।
टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंची और वहां तैनात कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा पिलाई। सीएमओ ने बताया कि परीक्षण के दौरान किसी को भी खासी, जुकाम, बुखार आदि की शिकायत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में 30, पीरूमदारा और बैलपड़ाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10-10 मरीजों के हिसाब से टैमी फ्लू नाम की दवा उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि जनपद में स्वाइन फ्लू से मौत का यह पहला मामला है। उन्होंने कहा कि अशोक कुमार दो सप्ताह पहले देहरादून गए थे। लौटते समय उन्हें खांसी-जुकाम की शिकायत थी। उन्होंने अपना उपचार सरकारी अस्पताल में कराया था।
उन्होंने अपना एचवन एनवन का टेस्ट वेदांता अस्पताल दिल्ली में कराया था जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें गोल्डन हास्पिटल नोएडा में भर्ती कराया गया था। जहां छह अगस्त को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। सीएमओ ने बताया कि एचवन एनवन का वाइरस देहरादून से लगा था। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
रामनगर के अस्पताल में भी अलर्ट
संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस बीडी जोशी ने बताया कि रामनगर क्षेत्र में ऐसा कोई मामला नहीं है। फिर भी सावधानी बरती जा रही है। अस्पताल आ रहे खांसी, जुकाम के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण सावधानी से किया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार के साथ खासी, जुकाम और सांस फूलने की शिकायत हो तो तुरंत अस्पताल आकर परीक्षण कराएं।