मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान एक्शन मोड में नजर आए। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी को आदेश दिए कि एडीबी की ओर से बनाए गए ओवर हेड टैंकों में 50 प्रतिशत लीकेज हैं। मामले की जांच करें और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित करने के साथ ही रिकवरी करें।
उन्होंने मुख्य अभियंता विद्युत एचके गुरुरानी को आदेश दिए कि नलकूपों के लिए बिजली कनेक्शन प्राथमिकता पर दिए जाएं। कुमाऊं मंडल में बिजली सुविधा से महरूम नौ गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए विद्युत विभाग काम करना शुरू कर दें क्योंकि राज्य के प्रत्येक गांव में वर्ष 2018 तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य सरकार का है।
सीएम ने सिंचाई महकमें को निर्देश दिए कि विभाग के खराब पड़े दस नलकूपों को सप्ताहभर के भीतर ठीक करें। सीएम ने मंडलायुक्त डी सैंथिल पांडियन से कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर पेयजल की आपूर्ति, वितरण, संरक्षण एवं निर्माण कार्यों की अपने स्तर पर समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन राजस्व का बहुत बड़ा आधार है। अवैध खनन को रोकने के लिए सभी अधिकारी बिना किसी डर एवं राजनीतिक दबाव के कार्य करें। आरटीओ राजीव मेहरा को आदेश दिया कि खनन की ओवरलोडिंग को तत्काल प्रभाव से रोकें।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी से कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों पर नकेल कसी जाए। बैठक में मौजूद वन विभाग के अधिकारियों को वनों को आग से बचाने एवं वन्यजीवों को हर हाल में पेयजल उपलब्ध कराने को कहा। इस दौरान परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, विधायक नवीन दुम्का, बंशीधर भगत, संजीव आर्य, मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला आदि थे।