गौलानदी में खनन बंद होने के बाद अब तक सरेंडर करीब 5000 डंपरों के अवैध संचालन की आशंका देखते हुए परिवहन विभाग सर्तक हो गया है। सरेंडर डंपरों के अन्य व्यवसायिक उपयोग की आशंका पर प्रर्वतन दल को डंपरों की विशेष चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।
गौलानदी में खनन कार्य से जुड़े करीब 7,500 डंपर संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हैं। गौला नदी में खनन बंद होने के बाद लगभग 5000 डंपर परिवहन कार्यालय में सरेंडर हो चुके हैं। सरेंडर की प्रक्रिया में वाहनों की आरसी, परमिट, इंश्योरेंस आदि दस्तावेजों को आरटीओ कार्यालय में जमा रखने की अवधि तक वाहन स्वामियों को टैक्स नहीं चुकाना पड़ता।
लेकिन कुछ डंपर चालक दोहरा फायदा उठाते हुए सरेंडर डंपरों का ट्रांसपोर्ट या अन्य व्यवसायिक इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते। इस पर परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। प्रवर्तन दल को चेकिंग के दौरान सरेंडर वाहनों के अवैध संचालन पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में संभागीय परिवहन अधिकारी राजीव मेहरा ने बताया कि सरेंडर वाहनों के संचालन के खिलाफ टीम अभियान चला रही है। मार्ग पर चेकिंग के दौरान डंपरों से दस्तावेज बारीकी से जांचे जा रहे हैं, दस्तावेज न मिलने पर डंपरों को सीज कर टैक्स और जुर्माना वसूला जाएगा।