लालकुआं (नैनीताल)। सूरज हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर सूरज के परिजनों एवं नानकमत्ता के लोगों ने शनिवार से आईटीबीपी के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सूरज को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन का समर्थन दिया और आईटीबीपी के खिलाफ नारेबाजी की।
आईटीबीपी मुख्य द्वार पर हाथों में सूरज को न्याय दिलाने के स्लोगन तख्ती लेकर बैठे नानकमत्ता क्षेत्र से आए दर्जनों लोगों ने कहा कि जब तक सूरज हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
सूरज के पिता ओमप्रकाश सक्सेना ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन हत्याकांड से पर्दा हटाने के बजाय उन्हें गुमराह कर रहा है।
जब तक आरोपी आईटीबीपी के जिम्मेदार जवानों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं होती, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
सूरज के भाई गोविंद का कहना है कि शनिवार को हत्या में शामिल जवानों की पहचान होनी थी, लेकिन अब पुलिस का कहना है कि आईटीबीपी अपने जवानों को कोतवाली भेजने से इनकार कर रही है और आईटीबीपी परिसर में ही पहचान करने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के 6 जवानों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जो भर्ती प्रक्रिया के दौरान सूरज की पिटाई कर रहे थे।
शाम चार बजे घटनास्थल पर तहसीलदार हल्द्वानी प्रहलाद राम ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और सप्ताह भर में फोरेंसिक लैब से विसरे की रिपोर्ट आने का हवाला दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर तहसीलदार बैरंग लौट गए। धरना-प्रदर्शन करने वालों में सूरज पिता ओम प्रकाश सक्सेना, माता बिशाखा, भाई गोविंद सक्सेना, बहन सपना सक्सेना, कन्हैया वर्मा, राज सिंह सुच्चा, बब्बर सिंह, गुरविंदर सिंह, तेजपाल सक्सेना, मोहित सक्सेना, पुतुल, मीना, निखिल मित्तल, संदीप सिंह, अंशु, कृपाल सिंह, दीपू पांडे, दीपक शर्मा, राधा कैलाश भट्ट, बसंती देवी आदि थे।