हल्द्वानी में रेलवे की भूमि में स्थित गफूर बस्ती से अतिक्रमण हटाने में जिला प्रशासन अब रेलवे का सहयोग करने को तैयार है। मंगलवार को हाईकोर्ट में जिलाधिकारी नैनीताल ने शपथ पत्र दाखिल कर कहा है कि 30 जुलाई को रेलवे के साथ बैठक की जाएगी और अतिक्रमण हटाने में रेलवे को जितनी फोर्स की जरूरत होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ ने इस मामले को सुना। हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी स्थित गफूर बस्ती में रेलवे स्टेशन की लगभग एक लाख वर्ग मीटर जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
जनहित याचिका में यह भी कहा गया था कि अवैध रूप से कब्जाई गई इस जमीन पर बने मकानों को बिजली कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं यहां सीसी सड़कें भी बनाई जा रही हैं। इस याचिका के दाखिल होने के बाद रेलवे के अधिवक्ता गोपाल वर्मा ने हाईकोर्ट को बताया था कि रेलवे प्रशासन लगातार जिलाधिकारी को स्पेशल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार कर रहा है।
लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। कोर्ट ने तब सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तिथि नियत करते हुए जिलाधिकारी को कोर्ट में यह बताने को कहा कि उन्होंने रेलवे की ओर से दी गई लिस्ट पर क्या कार्यवाही की। मंगलवार को जिलाधिकारी ने शपथपत्र दायर कर कहा कि वह रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पूरा सहयोग करने को तैयार है। इस संबंध में रेलवे के साथ 30 जुलाई को बैठक की जाएगी और जो फोर्स अतिक्रमण को हटाने के लिए जरूरी होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी।