वर्ष 2013 में आई आपदा में अनाथ हुए बच्चों की उचित शिक्षा व उनकी देखरेख के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया। कहा गया कि ऐसे बच्चाें की देखरेख और शिक्षा की व्यवस्था सरकार की ओर से की जा रही है। कोर्ट ने जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी निवासी कालिका प्रसाद काला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2013 में आई आपदा में कई लोग मारे गए थे, जिसमें उनके बच्चे अनाथ हो गये थे। उन्हें समुचित शिक्षा नहीं मिल रही है।
याचिका में मांग की गई कि पांच वर्ष तक के बच्चों को क्रेच की सुविधा दी जानी चाहिए और 12 से 18 वर्ष तक के नाबालिगों को नवोदय विद्यालय या आवासीय विद्यालय में भेजा जाए। इस प्रकरण पर दाखिल जवाब में सरकार ने बताया कि आपदा में अनाथ हुए बच्चों की देखरेख सरकार कर रही है।