बैंक ग्राहकों के लिए खुशखबरी है। जिनके पास 2005 से पहले छापे गए बगैर सन के नोट हैं और बैंक उन नोटों को बदलने से इंकार कर रहे हैं। अब ऐसे नोट भी बदले जा सकेंगे और कोई बैंक ऐसे नोट लेने से मना नहीं कर पाएंगे। आरबीआई ने बुधवार को बैंकों को यह निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला लीड बैंक प्रबंधक डीके जायसवाल का कहना है कि 2005 से पहले के नोट लेने हैं या नहीं इसके लिए आरबीआई से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं थे। कुछ बैंक तो इन नोटों को भी जमा कर ले रहे थे, लेकिन लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि कुछ बैंक ऐसे नोट लेने से इंकार कर रहे थे।
स्वयं बैंक अधिकारी और कर्मचारी ऐसे नोट लिए जाएं या नहीं इसके लेकर असमंजस की स्थिति में थे। इस संबंध में बुधवार तक आरबीआई से भी किसी तरह के निर्देश और गाइड लाइन जारी नहीं हुई थी। जिला लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2005 से पहले पांच सौ और एक हजार के साथ ही सौ, पचास, बीस और दस रुपए के नोट बिना सन के छापे गए थे।
कौन का नोट किस सन में छपा है, इसकी जानकारी इन नोटों से नहीं मिलती थी। हालांकि शासन के एकाएक आदेश पर पुराने नोट जमा कराने का काम तो शुरू हो गया लेकिन कई बैंकों द्वारा ग्राहकों से सन 2005 से पहले के नोट नहीं लिए जाने की शिकायतें आ रही थीं।
बैंक प्रबंधन भी असमंजस के चलते ग्राहकों को इस तरह के नोट लेने का कोई निर्देश नहीं होने की बात कहकर लौटा रहे थे। इस तरह के मामले उनके संज्ञान में आने के बाद आरबीआई से गाइड लाइन मांगी गई।
बुधवार को आरबीआई ने साफ गाइड लाइन जारी कर दी है कि जिस पुराने नोट में सन नहीं छपा है, वह नोट भी एक्सचेंज और जमा किया जाएगा। अब कोई बैंक इन नोटों को लेने से मना नहीं कर पाएगा।