हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के सभागार में मंगलवार को डीआरआर और कॅरिअर काउंसलिंग सेल के संयुक्त संयोजन में उत्तराखंड में आपदा परिदृश्य कारण और निवारण विषय पर हुई कार्यशाला में विद्यार्थियों ने आपदा के कारणों के बारे में जाना। मुख्य व्याख्याता यूओयू के अर्थ एंड एनवायरमेंटल साइंस के निदेशक प्रो. पीडी पंत ने उत्तराखंड में घटित होने वाली प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, फ्लैश फ्लड और मानव जनित आपदाओं के कारण, प्रभाव और निवारण पर छात्रों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को संभालने और संवारने की जिम्मेदारी हम सब की। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। जब पहाड़ के जल, जंगल बचे रहेंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने छात्रों को आपदा से बचाव के तौर-तरीकों की जानकारी दी। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने कहा कि विशेषज्ञों के सुझावों को हम सभी को अमल में लाना होगा। इससे पहले भूगोल विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रो. बीआर पंत ने कार्यशाला के बारे में जानकारी दी। कॅरिअर काउंसलिंग सेल के संयोजक डॉ. नवल लोहनी ने कहा कि देवभूमि को कैसे सजाना है, इसके बारे में सभी को सोचना होगा। यह कार्यशाला विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरुकता बढ़ाने और आपदा की परिस्थितियों से निपटने के लिए शुरू की गई है। यहां डॉ. ममता मिश्रा, डॉ. तनुजा पोखरिया, डॉ. दीपा गोबाड़ी, डॉ. जीएस सत्याल, डॉ पुष्पा पंत, डॉ. ममता अधिकारी के अलावा शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।