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Nainital News: बाहरी राज्यों के छात्र कुमाऊंनी सीखने में दिखा रहे रुचि

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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से स्थानीय भाषा सीखना आसान हो रहा है। वर्तमान में यहां कुमाऊंनी, गढ़वाली और नेपाली भाषा का सर्टिफिकेट कोर्स चल रहा है जिसमें सबसे ज्यादा विद्यार्थी कुमाऊंनी भाषा सीखने वाले हैं। खासबात यह है कि इनमें दार्जलिंग, बंगलुरू, दिल्ली, मुंबई आदि जगहों के छात्र शामिल हैं। यूओयू में कुमाऊंनी भाषा विषय वर्ष 2021 में शुरू हुआ था। इस समय कुमाऊंनी भाषा विषय में 26 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें हल्द्वानी के अलावा कुछ प्रवासी विद्यार्थी भी हैं जो शार्ट टर्म कोर्स के जरिये भाषा को समझ रहे हैं। यह कोर्स छह महीने का है लेकिन किसी कारणवश छात्र यदि परीक्षा नहीं दे पाया तो वह दो साल के भीतर भी यह कोर्स पूरा कर सकता है। यूओयू के सह समन्वयक कुमाऊंनी, नेपाली भाषा डॉ. अनिल कार्की के अनुसार वर्ष 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा को महत्व दिया गया है। खासकर कुमाऊंनी भाषा भविष्य में डीएलएड और बीएड के माध्यम से माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों में अध्यापक बनने वाले छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। यहां नेपाली और गढ़वाली भाषा में भी सर्टिफिकेट कोर्स चल रहे हैं। अगले साल से डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की कवायद चल रही है।
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सिंथिया स्कूल में एक से पांचवीं तक सिलेबस में है कुमांऊनी
हल्द्वानी। शहर में एकमात्र निजी स्कूल में दुधबोली भाषा पढ़ाई जाती है। सिंथिया स्कूल के निदेशक डॉ. प्रवींद्र रौतेला ने बताया कि यह तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल है कि एक से पांचवीं कक्षा तक मातृभाषा में एक विषय होना चाहिए। यह अब सिलेबस का हिस्सा हो चुका है। इससे छात्र-छात्राओं का अपनी भाषा से जुड़ाव और लगाव बना रहेगा।
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