हल्द्वानी। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए समर्थ प्रवेश पंजीकरण पोर्टल खोल दिया गया है। राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को दो चरण पूरे करने होंगे। दोनों चरण अलग-अलग पूरे करने पर ही प्रवेश की इस व्यवस्था से प्रदेश के हजारों विद्यार्थी परेशान हैं।
पहले चरण में विद्यार्थी को आठ दिन के भीतर समर्थ पोर्टल पर ई-मेल और मोबाइल नंबर पंजीकृत कर प्रोफाइल बनानी होगी। पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वह दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी कर पाएगा। अब दिक्कत यह है कि यदि नेटवर्क या किसी अन्य समस्या के चलते वे इस बीच पंजीकरण नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह चुनौती बना है। क्योंकि उनके लिए उच्च शिक्षा ग्रहण करने का एकमात्र साधन सरकारी कॉलेज हैं। अब उसमें भी प्रवेश के लिए दो चरणों को पूरा करने की शर्त रख दी गई है। कुमाऊं विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए समर्थ टीम देहरादून की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। इसके अनुसार 24 मई से 30 जून तक प्रवेश पंजीकरण के लिए समर्थ पोर्टल खोला गया है।
प्रथम चरण 31 तक, फिर दूसरा 30 जून तक
प्रवेश के लिए प्रथम चरण में 24 से 31 मई तक पंजीकरण होंगे। इसमें विद्यार्थी को स्वयं के ई-मेल और मोबाइल नंबर को पंजीकृत करते हुए प्रोफाइल पूर्ण करनी होगी। साथ ही 50 रुपये का आवश्यक शुल्क भी भुगतान करना होगा। दूसरा चरण 1 जून से 30 जून तक चलेगा। इसकी प्रक्रिया तक पहुंचने के लिए पहले चरण के लिए निर्धारित की गई अनिवार्यता पूरी करनी होगी। उसके बाद ही समर्थ में दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा ले पाएगा। इसके बाद ही उसे कॉलेज में प्रवेश मिलेगा। अब सवाल उठता है कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थी स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए आठ दिनों में कैसे पंजीकरण पूरा कर पाएंगे। यदि वह पंजीकरण नहीं कर पाए तो प्रवेश से वंचित रहना पड़ सकता है।