हल्द्वानी के एमपीजी कालेज के नवनिर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष नीरज मेहरा के खिलाफ लिंगदोह कमेटी के तहत गठित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में दर्ज शिकायत का निस्तारण करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। मेहरा के खिलाफ छात्रसंघ चुनाव से पहले ही यह शिकायत की गई थी।
बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी निवासी व एबीवीपी के छात्रसंघ के प्रत्याशी रहे विजय जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि निर्वाचित अध्यक्ष नीरज मेहरा के नामांकन पर याचिकाकर्ता ने चुनाव से पूर्व लिंगदोह कमेटी के अंतर्गत गठित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के समक्ष नीरज मेहरा के नामांकन को पांच अक्टूबर को चुनौती दी थी।
छह अक्टूबर को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के स्थान पर हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज के प्रधानाचार्य ने याचिकाकर्ता की शिकायत खारिज की। याचिका में कहा गया कि प्रधानाचार्य को लिंगदोह कमेटी के तहत शिकायत के निवारण का अधिकार प्राप्त नहीं है।
याचिका में कहा गया कि नीरज मेहरा ने नामांकन के समय यह तथ्य भी छिपाया कि उसने एक ही सत्र में दो अलग अलग पूर्ण कालिक पाठ्यक्रम में संस्थागत के रूप में प्रवेश लिया है। विवि के प्रवेश नियमों के अनुसार एक साथ दो पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर दोनों प्रवेश निरस्त होते हैं।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में दर्ज शिकायत को निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करने का आदेश दिया।