डीएसबी परिसर में सात अक्तूबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को परिसर में आम सभा हुई। बारिश की वजह से तीन घंटे विलंब से शुरू हुई सभा में प्रत्याशियों ने परिसर की विभिन्न समस्याओं के समाधान कराने का वायदा किया।
अधिकतर प्रत्याशियों ने शेरो-शायरी से भी मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया। चुनाव के मद्देनजर परिसर में धारा 144 लगा दी गई है। विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में खड़े 15 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 5351 मतदाता करेंगे। मतदान के लिए परिसर में कुल 16 बूथ बनाए गए हैं।
अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई समर्पित प्रत्याशी दिग्विजय मेहरा ने पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी को पूरा करने, डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना, प्रयोगशालाओं को सुधारीकरण, भीमताल परिसर में एनएसएस व एनसीसी खोलने व छात्रों की समस्याओं का समाधान का वायदा किया।
एबीवीपी समर्थित प्रत्याशी मोहित सिंह रौतेला ने परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाना, खेलकूद व एनसीसी को बढ़ावा देने की बात कही। इसी तरह छात्रा उपाध्यक्षा प्रत्याशी करिश्मा शर्मा, चंद्रकला रावत व दामिनी आर्या, छात्र उपाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद व मदन मोहन अधिकारी, सचिव पद के प्रत्याशी जितेंद्र सिंह बंगारी व मोहम्मद सोहेल, संयुक्त सचिव के प्रत्याशी अजय बिष्ट व भूपेंद्र कुमार कोहली, कोषाध्यक्ष के फैसल सलमानी व विनय कुमार आर्या, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि के एकमात्र प्रतिनिधि राजेश कुशवाहा व विवि प्रतिनिधि नरेंद्र भतरौला व सुमित पांडे ने भी अपनी-अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं।
आम सभा में निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, डीएसडब्लू प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट, चुनाव अधिकारी प्रो. मानवेंद्र पाठक व मुख्य कुलानुशासक डॉ. आशीष तिवारी, प्रो. ललित तिवारी, टाइम कीपर जगदीश चंद्र सती आदि थे। सुरक्षा की दृष्टि से तल्लीताल थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद था।
एनएसयूआई प्रत्याशियों ने लगाई झाड़ू
आम सभा की समाप्ति के बाद एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह मेहरा ने समर्थकों के साथ सफाई अभियान चलाया। उन्होंने सभा स्थल से काफी मात्रा में जमा हो चुके पंफ्लेट व अन्य चुनाव सामग्री को जमा कर जलाया।
शाम पांच बजे तक बनते रहे परिचय पत्र
बिना परिचय पत्र के मताधिकार से वंचित रहने के आदेश को छात्र-छात्राओं ने बेहद गंभीरता से लिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लेकर लगाया जा सकता है कि मतदान से एक दिन पूर्व परिसर में शाम पांच बजे तक परिचय पत्र बनाए जाते रहे।
मुख्य कुलानुशासक डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि अधिकांश छात्रों के परिचय पत्र बन चुके थे, लेकिन अंतिम दिन करीब सौ छात्रों ने परिचय पत्र बनाए। इसके लिए प्रॉक्टर दफ्तर को सुबह से ही खोल दिया गया था।