भीमताल ग्राम पंचायत मलुवाताल में शनिवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित एक छात्र ने भीमताल सीएचसी पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। छात्र की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह गंगोला ने बताया कि भाष्कर गंगोला (12) पुत्र हरेंद्र सिंह गंगोला को 24 सितंबर की रात से उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। बताया कि शुक्रवार को भी भास्कर को एक-दो बार उल्टी-दस्त हुए थे। शनिवार सुबह भाष्कर की तबीयत अचानक बिगड़ी तो परिजन उसे भीमताल सीएचसी लेकर पहुंचे।
बताया कि सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रधान ने बताया कि भाष्कर गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में पढ़ता था। उसके पिता हरेंद्र सिंह खेतीबाड़ी और मजदूरी कर परिवार का खर्चा चलाते हैं। बताया कि प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से वार्ता कर शव का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता राशि दिलाने की मांग की है।
भीमताल सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया ने बताया कि बच्चे के बीमार होने की सूचना पर 108 एंबुलेंस भेजकर उसे अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले भाष्कर की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि परिजनों ने भाष्कर को उल्टी-दस्त होने की बात कही थी।
ज्योलीकोट जैसी घटना नहीं
भाष्कर के परिजनों के साथ शनिवार को ग्राम प्रधान समेत तमाम ग्रामीण भी पहुंचे थे। ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह गंगोला के मुताबिक गांव में ऐसा दूसरा कोई मामला नहीं आया है। अन्य ग्रामीणों का भी कहना था कि किसी भी अन्य ग्रामीण को फिलहाल उल्टी-दस्त या ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मर्तोलिया ने कहा कि ग्रामीणों ने ज्योलीकोट जैसे जलजनित किसी मामले के बारे में नहीं बताया है।
मलुवाताल गांव में टीम भेजकर ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी। ग्रामीणों से अपील है कि उल्टी-दस्त या ऐसा कोई लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं ताकि समय पर इलाज मिल सके। - डॉ. रश्मि पंत, सीएमओ, नैनीताल