शहर में सालभर पानी का संकट बना रहता है। किसी न किसी मोहल्ले से अक्सर पेयजल किल्लत की शिकायतें आती रहती हैं।
पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होने के बावजूद शहरवासियों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक पेयजल समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, किल्लत को दूर करना मुश्किल है।
शहर में करीब 23 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। जल संस्थान के मानकों के मुताबिक प्रति दिन प्रति व्यक्ति के लिए 125 लीटर पानी की जरूरत है। मौजूदा आबादी के हिसाब से शहर की जरूरत 28 एमएलडी है।
जबकि इसके विपरीत शहर में गौला नदी और नलकूपों से 45 एमएलडी पानी मिल रहा है। जल संस्थान सूत्रों के मुताबिक गौला नदी से ट्रीटमेंट प्लांट को रोजाना 35 एमएलडी पानी मिल रहा है।
जबकि 24 नलकूपों से करीब 10 एमएलडी पानी मिल रहा है। पानी की पूरी उपलब्धता के बावजूद शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों दमुवाढूंगा, पालीशीट, इंदिरानगर, रामपुर रोड, तल्ली हल्द्वानी, चौधरी कालोनी, हल्दीखाल, बिठौरिया, लालडांठ आदि इलाकों में अक्सर पेयजल किल्लत की शिकायत रहती है।
जल संस्थान सूत्रों के मुताबिक पेयजल किल्लत की मुख्य वजह दशकों पुरानी पेयजल लाइनों के छोटा पड़ने और जगह-जगह लीकेज होना है। इसके अलावा विभाग के पास पर्याप्त भंडारण क्षमता के नहीं होने की वजह से भी किल्लत बनी रहती है।