सुशीला तिवारी अस्पताल का कथित तौर पर बायो मेडिकल वेस्ट (सिरिंज, पट्टियां आदि) नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंकने का मामला सामने आया है। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट/एमएनए ने अस्पताल प्रबंधन पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ऐसे किसी प्रकरण की जानकारी होने से इंकार करते हुए मामले की जांच कराने की बात कह रहा है।
एसटीएच में कुमाऊं का सबसे बड़ा इंसीनेटर (बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का उपकरण) लगाया गया है। दावा किया गया है कि यहां पूरे कुमाऊं के अस्पतालों से आने वाला बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा सकता है। लेकिन, स्थिति यह है कि इंसीनेटर में एसटीएच का ही बायो मेडिकल वेस्ट पहुंचने का दावा किया जा रहा था।
अब नगर निगम की टीम ने ट्रंचिंग ग्राउंड में बायो मेडिकल वेस्ट फेंकते एक वाहन को पकड़ा है। सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह कहते हैं कि पूछताछ में पता चला कि बायो मेडिकल वेस्ट एसटीएच का है। यह बेहद खतरनाक तरीका है। इससे प्रदूषण और बीमारी फैलने का खतरा है। उन्होंने बताया कि एनजीटी एक्ट के तहत अस्पताल पर 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है। तीन दिन के अंदर अगर जुर्माना जमा नहीं किया जाता है, तो भू-राजस्व के तहत वसूली की जाएगी। वहीं, प्रभारी प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि उनको पूरी तरह प्रकरण कर जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जा रही है।