हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में इन दिनों कुछ विभाग ओटी के विवाद में उलझ रहे हैं। यहां खाली चल रहे दो ऑपरेशन थियेटर को लेकर विभागाध्यक्षों ने चिकित्सा अधीक्षक से लेकर प्राचार्य तक पत्र लिखकर भेजा है। इन विभागों का कहना है कि ओटी मिलने से जहां मरीजों के ऑपरेशन जल्द हो सकेंगे, वहीं दूसरे सर्जन को भी खाली बैठना नहीं पड़ेगा। इधर प्राचार्य की ओर से समस्या का समाधान करने की कोशिश शुरू कर दी गई है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में सभी विभागों के पास अपने अपने ऑपरेशन थियेटर हैं। मगर मरीजों की संख्या बढ़ने और ऑपरेशन के लिए लंबी तारीख मिलने को कारण गिनाते हुए कुछ विभाग यहां रिक्त पड़े ओटी को अपने-अपने लिए मांग रहे हैं। यहां प्रसूति और सर्जरी विभाग में दो-दो ऑपरेशन थियेटर हैं जबकि हड्डी, नेत्र, ईएनटी, न्यूरो, इमरजेंसी माइनर में एक-एक ओटी है। कुछ जगह दूसरे विभाग की ओटी में काम चलाया जा रहा है। इसमें आर्थो विभाग और यूरोलॉजी विभाग एक ही ऑपरेशन थियेटर में मरीजों के ऑपरेशन कर रहा है। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मण पाल का कहना है कि उनकी ओपीडी में ही अकेले 280 से अधिक मरीज आते हैं और हफ्ते में सिर्फ दो दिन ऑपरेशन हो रहे हैं। एक ऑपरेशन थियेटर होने से दूसरे सर्जन को खाली बैठना पड़ रहा है।
गिने चुने ऑपरेशन थियेटर हैं और सभी विभाग अलग से मांग कर रहे हैं। एक दो दिन में सभी विभागों की बैठक बुलाई जा रही है। उसमें उचित समाधान खोज लिया जाएगा।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य