सुशीला तिवारी अस्पताल अव्यवस्थाओं का गढ़ बनता जा रहा है। अस्पताल में व्यवस्थाएं पटरी से उतरने लगी हैं। 70 वर्षीय एक महिला का ब्लड सैंपल खोने से अस्पताल में बुधवार को खलबली मच गई। बेटा अपनी मां की रिपोर्ट लेने के लिए घंटों भटकता रहा। एमएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्मियों को फटकार लगाई।
एसटीएच व्यवस्थाओं के लिए कम और अव्यवस्थाओं के लिए ज्यादा जाना जाने लगा है। एसटीएच में कोई न कोई कारनामा होता ही रहता है। बनभूलपुरा निवासी 70 वर्षीय बानो ने 19 अगस्त को मेडिसिन ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था।
डॉक्टर ने हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, सीरम कोलेस्ट्राल, सीरम कैल्शियम, सीरम टी-3, टी-4, टीएसएस (थायरॉयड) और एक्सरे लिखा था। बानो ने 23 अगस्त को हीमोग्लोबिन, ईएसआर, टीएलसी, डीएलसी, सीबीसी समेत अन्य जांचों के लिए ब्लड सैंपल दिया।
बुधवार को ब्लड जांच की रिपोर्ट मिलनी थी। मां की जांच रिपोर्ट लेने के लिए बेटा मो. अकील पहुंचा तो उसे घंटों अस्पताल में चक्कर काटने पड़े। ब्लड कलेक्शन सेंटर से अकील को लैब भेज दिया गया। लैब में जवाब मिला कि सैंपल नहीं मिला है।
ढाई घंटे की मशक्कत के बाद पता चला कि सैंपल गायब हो गया है और लैब तक नहीं पहुंचा। अकील की लैब कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। अकील ने बताया कि डॉक्टर दोबारा सैंपल दिलाने की बात कहने लगे। अकील ने बताया कि आधा दर्जन अन्य लोगों के सैंपल भी गायब थे और वे लोग भी रिपोर्ट के लिए चक्कर काट रहे थे।
अकील ने मामले की शिकायत एमएस डॉ. एके पांडे से की। मामला एमएस तक पहुंचने के बाद खलबली मच गई। एमएस डॉ. पांडे ने बताया कि लैब टेक्नीशियन को बृहस्पतिवार को बुलाया है। उससे जवाब-तलब किया जाएगा।