संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। परिवार न्यायालय हल्द्वानी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सौतेली मां को भी अपने सौतेले बेटे से भरण पोषण पाने का अधिकार है। मामले में एक महिला ने सौतेले बेटे से भरण पोषण की मांग की थी।
अधिवक्ता विनीत परिहार ने बताया कि गीता देवी ने पति की मृत्यु के बाद सौतेले बेटे गिरीश चंद्र से भरण पोषण प्राप्त करने का वाद परिवार न्यायालय हल्द्वानी में दर्ज कराया था। परिवार न्यायालय के पीठासीन अधिकारी विंध्याचल सिंह ने सौतेली मां को भी भरण पोषण का अधिकारी माना और कहा कि विपक्षी को अपनी सौतेली मां को प्रतिमाह 6000 रुपये भरण पोषण देने होंगे।
अधिवक्ता परिहार ने कहा कि धारा 125 जा.फौ. में मां शब्द तो है, लेकिन सौतेली मां का जिक्र नहीं है। ऐसे में यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण है।