हल्द्वानी। वस्तु एवं सेवा कर की चोरी करने वालों पर नजर रखने वाली राज्य कर विभाग की जांच टीम भी अब 24 घंटे निगरानी में रहेगी। इसके लिए शासन प्रदेश के सभी संभाग में संचालित राज्य कर विभाग के मोबाइल वाहनों को जीपीएस से लैस करने जा रहा है। 20 फरवरी से जीपीएस लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत करदाताओं को टैक्स जमा करने के लिए चार स्लैब निर्धारित किए गए हैं। इसमें 5,12, 18 और 28 प्रतिशत का स्लैब हैं। विलासिता और अहितकर उत्पादों पर कर के ऊपर सबसे ऊंची दर के अलावा उपकर भी लगता है। कर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य कर विभाग ने पूरे प्रदेश में चेकिंग दल का गठन किया है। इसके तहत मोबाइल वाहन चेकिंग के साथ ही छापामारी कर चोरी पर अंकुश लगाते हैं। पूरे प्रदेश में अभी 19 मोबाइल वाहन हैं, जिसमें से हल्द्वानी में पांच और रुद्रपुर संभाग में चार मोबाइल वाहन हैं लेकिन वाहन कब और कहां चेकिंग में रहते हैं इस पर नजर रखने के लिए शासन सभी वाहनों को जीपीएस से लैस करने जा रहा है।
20 फरवरी से राज्य कर मुख्यालय देहरादून में वाहनों में जीपीएस लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जीपीएस प्रक्रिया पूरी होने तक चेकिंग में किसी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए विभाग ने सभी संभाग में अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था भी की है।
कोट
राज्य कर की चेकिंग टीम के वाहनों की लोकेशन जांचने के लिए शासन से प्रदेश के सभी वाहनों में जीपीएस लगाने के आदेश हुए हैं। 20 फरवरी से देहरादून में जीपीएस लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- विपिन चंद्र, एडिशनल कमिश्नर राज्य कर देहरादून।