हल्द्वानी। जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल स्रोत से लोगों के घरों तक लगे कनेक्शन की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। इसके लिए जल संस्थान जल जीवन मिशन की सभी योजनाओं को आईओटी सिस्टम से लैस करने जा रहा है। फिलहाल रामनगर के जोगीपुरा और टांडा मल्लू पेयजल योजनाओं को इंटरनेट ऑफ थिंक (आईओटी) सिस्टम से जोड़ा गया है। यह उत्तराखंड का पहला आईओटी सिस्टम है।
जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि आईओटी से पेयजल टैंकों, लाइनों, घरों में पानी की उपलब्धता का आसानी से पता लग जाता है। लाइन में कहीं लीकेज या फॉल्ट होगा तो उसका भी पता लग जाएगा। पेयजल लाइन में कितना पानी चल रहा है। कितनी जरूरत है और कितना पानी खर्च किया जा रहा है, इसका डाटा भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे लाइनों, योजना, स्रोत, टैंक, कनेक्शन आदि में आई खामी को दूर करने में मदद मिलेगी। आईओटी से पानी की शुद्धता का भी पता लग जाएगा। पानी में कितनी क्लोरीन है। पानी की गुणवत्ता और शुद्धता का स्तर क्या है। पानी में कौन से अवयव ऐसे हैं जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक हैं।
जोगीपुरा में प्रयोग से मिली पानी की सप्लाई की जानकारी
एसई विशाल कुमार ने बताया कि जोगीपुरा योजना में एक अप्रैल से सात अप्रैल तक पेयजल वितरण की स्थिति का आकलन किया गया। इसमें पाया कि एक सप्ताह में 67.12 लीटर पानी प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से मिला है। सेंसर से पेयजल लाइनों में प्रेशर, हवा आदि की भी जानकारी मिल रही है। नए सिस्टम से पेयजल संबंधी शिकायतों में भी कमी आई है।