वसंतोत्सव लोक संस्कृति को जीवंत रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है, वहीं पौराणिक लोक कलाओं से नई पीढ़ी रूबरू होती है। वसंतोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि रामनगर वसंतोत्सव को राजकीय पर्व घोषित किया जाएगा। उन्होंने बसंत का मौसम खुशियों का होता है।
प्रगतिशील संस्कृति पर्वतीय समिति पैंठपड़ाव की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नये राज्यों में तरक्की करने में अव्वल है। हम लगभग 13.30 प्रतिशत वार्षिक विकास दर से आगे बढ़ रहे है।
प्रदेश को शिक्षा हब बनाए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में मिनी खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार काश्तकारों के आर्थिक विकास के लिए पहाड़ी अनाजों के साथ ही फल, दलहन और सब्जियों का वृहद स्तर पर उत्पादन करने की आवश्यकता है। सरकार किसानों के उत्पादों की बिक्री के लिए अपने स्तर से व्यवस्था करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधवा, दिव्यांग, वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है, वहीं किसानों जगरिये-डगरिये और शगुन आखर गाने वालों को भी पेंशन दिए जाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रंजीत सिंह रावत, महिला आयोग उपाध्यक्ष अमिता लोहनी, सिंचाई सलाहकार समिति उपाध्यक्ष पुष्कर दुर्गापाल, ब्लाक प्रमुख संजय नेगी, ओखलकांडा ब्लाक प्रमुख आनंद आर्य, डिगर मेवाड़ी, डा. निशांत पपनै, बसंतोत्सव समिति के संरक्षक दिनेश चंद्र हर्बोला, अध्यक्ष कमल बेलवाल, दीपक गंगवाल, रमेश चंद्र जुयाल, हरमोहन सिंह लटवाल, नीरज जोशी, दिनेश चंद्र, चंदन कोतवाल, भरत सिंह नेगी, भावना भट्ट, माया रावत, शमशेर सिंह, मानवेंद्र सिह, केवला नंद जोशी, अभिमन्यु डंगवाल, दीपक डंगवाल डीआईजी पुष्कर सिह सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल आदि मौजूद थे।
मालधनचौड़ में इसी वर्ष डिग्री कॉलेज, रामनगर बाईपास का सुंदरीकरण, वसंतोत्सव समिति को दो लाख रुपये देने के साथ ही राज्य महोत्सव में शामिल करने, नगर पालिका रामनगर को विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि देने, कोसी पर तटबंध बनाने, रामनगर में भूमि मिलने पर स्टेडियम निर्माण, नेचर गाइड प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, कंडी मार्ग को पीपीपी मोड में शीघ्र बनाए जाने के प्रस्ताव लिए जाएंगे। साथ ही, लंबे समय से चली आ रही रोडवेज बस अड्डा बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि पैसा स्वीकृत हो गया है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत कई सौगात रामनगर के लोगों को दे गए। साथ ही उन्होंने यह भी बता दिया कि मुझे बाहर का न समझो मैं सामने की पहाड़ी का रहने वाला हूं। उन्होंने बातों ही बातों में अपने जीवन के इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि मै यहीं से पढ़ा हूं, यहीं खेला हूं। हर एक गली और मोहल्ले से वाकिफ भी हूं। जब भी कभी कोसी में पानी बढ़ता था तो हम भागकर देखने जाया करते थे। इसलिए मैं यहां की परेशानियों को बहुत करीब से समझ सकता हूं।
उन्होंने कहा अब शायद रामनगर वाले मुझे भूलते जा रहे हैं। ना तो कोई अमरूद खिलाता है न बेर, चूरन, इमली, लीची और न ही प्रकाश की कुल्फी। पालिका प्रशासन से तो यहां तक कह गए कि बिन खिलाए एक करोड़ रुपये देकर जा रहा हूं। पहले इन्हें खर्च करो फिर ओर दूंगा।
इस दौरान वह गर्जिया मां को भी याद करना नहीं भूले। यहां के लोगों से कह गए कि बारिश न होने पर गर्जिया मंदिर पर जल चढ़ाकर बारिश की प्रार्थना करें। ताकि प्रदेश सूखे की चपेट में न आए। गली, मोहल्ले और फिर खेल के मैदान से लेकर उन्होंने सारी बातें युवा पीढ़ी तक को बताई कि मैं बाहर का नहीं हूं।
उनकी इन बातों से 2017 के विधानसभा चुनाव में रामनगर क्षेत्र से चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर हुई। जो चर्चाओं का विषय भी बन गया। हालांकि जब इस बारे में सीएम से पूछा गया तो वह अभी काफी समय है कहकर बात को टाल गए।